भारत में हर साल दिवाली का पर्व अत्यंत हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार प्रकाश का प्रतीक है जो अंधकार, नकारात्मकता और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। लोग इस दिन अपने घरों को दीपों और सजावट से जगमगाते हैं और माँ लक्ष्मी का स्वागत करते हैं ताकि उनके घर में सुख और समृद्धि बनी रहे।
🌟 दिवाली 2025 की तारीख और पांच दिवसीय त्योहार का कार्यक्रम
हिंदू पंचांग के अनुसार, दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है। वर्ष 2025 में दीपावली का मुख्य दिन सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को पड़ रहा है। यह पांच दिन चलने वाला उत्सव धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है।
| पर्व | दिनांक | दिन |
|---|---|---|
| धनतेरस | 18 अक्टूबर 2025 | शनिवार |
| छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी) | 19 अक्टूबर 2025 | रविवार |
| मुख्य दिवाली (लक्ष्मी पूजन) | 20 अक्टूबर 2025 | सोमवार |
| गोवर्धन पूजा | 22 अक्टूबर 2025 | बुधवार |
| भाई दूज | 23 अक्टूबर 2025 | गुरुवार |
💫 लक्ष्मी पूजन 2025 का शुभ मुहूर्त
माँ लक्ष्मी की पूजा दिवाली की रात प्रदोष काल में की जाती है, जब स्थिर लग्न का समय होता है। इस वर्ष का शुभ समय इस प्रकार है:
- लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 06:12 बजे से रात 08:42 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 05:42 से रात 08:12 बजे तक
- वृषभ काल (स्थिर लग्न): शाम 06:12 से रात 08:08 बजे तक
इस समय में पूजा करने से माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में धन-संपत्ति और खुशहाली बनी रहती है।
🪔 दिवाली 2025: संपूर्ण पूजा विधि — सरल और पारंपरिक तरीके से करें पूजन
🧹 पूजा से पहले की तैयारी
- घर की साफ-सफाई करें और गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
- मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और दरवाजे पर तोरण (आम या अशोक पत्तों से बना) लगाएं।
- पूजा स्थल पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और माँ लक्ष्मी व गणेश जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- सुनिश्चित करें कि भगवान गणेश, माँ लक्ष्मी के बाईं ओर विराजमान हों।
🪙 आवश्यक पूजन सामग्री
कुमकुम, रोली, चंदन, फूल, धूप, अगरबत्ती, दीपक, मिठाई, फल, कलश, सिक्के, सुपारी, पान, नारियल, कमल का फूल, पंचामृत और जल।
🕉️ पूजा की विधि (Step-by-Step)
- संकल्प लें: पूजा से पहले हाथ में फूल, अक्षत और जल लेकर संकल्प करें।
- गणेश पूजन: सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें, मोदक और दूर्वा अर्पित करें।
- लक्ष्मी पूजन: माँ लक्ष्मी को स्नान कराएं, उन्हें लाल फूल, कुमकुम, सिंदूर और श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
- मंत्र जाप करें:
- गणेश मंत्र: “ॐ गं गणपतये नमः”
- लक्ष्मी मंत्र: “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
- अन्य देवी-देवताओं का पूजन: विष्णु, सरस्वती और कुबेर देवता का भी विधिवत पूजन करें।
- आरती करें: कपूर जलाकर माँ लक्ष्मी और गणेश जी की आरती करें।
- दीप प्रज्वलन: पूजा के बाद घर के हर कोने में दीपक जलाएं और अंधकार को दूर करें।
- प्रसाद वितरण: देवी-देवताओं को भोग लगाकर परिवार और मित्रों में बाँटें।
🌼 दिवाली का महत्व
दिवाली न केवल धार्मिक पर्व है बल्कि यह परिवार, प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। इस दिन लोग अपने घरों को प्रकाश से सजाकर माँ लक्ष्मी का स्वागत करते हैं ताकि जीवन में नई ऊर्जा, सफलता और खुशहाली का संचार हो।
इस दीपावली, अपने घर में सकारात्मकता फैलाएं, दीपों से रोशनी करें और माँ लक्ष्मी की कृपा से समृद्धि का स्वागत करें।
शुभ दीपावली 2025!
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